239 Comments |
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| 04 Jul, 2011 (98 weeks ago) |
| Any hot girls want to send me a nude pic? |
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| 29 Jun, 2011 (98 weeks ago) |
| Any hot girls out there? |
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| 29 Jun, 2011 (98 weeks ago) |
| loking for hot babe |
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| 27 Jun, 2011 (99 weeks ago) |
| i 26yr old boy invite naturewise sweat girls to begin clean friendship, |
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| 26 Jun, 2011 (99 weeks ago) |
Hey everybody
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| 24 Jun, 2011 (99 weeks ago) |
| http://b39b5112.any.gs |
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| 18 Jun, 2011 (100 weeks ago) |
im horney mm bitcvh..
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| 17 Jun, 2011 (100 weeks ago) |
| EISTE OLOI MALAKES EDW MESA |
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| 12 Jun, 2011 (101 weeks ago) |
| i love you |
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| 11 Jun, 2011 (101 weeks ago) |
| HOLA SALUDES ATODOS AHORA QUE ESTOY EN VIDA , EXITOS Y SUERTE.. |
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| 10 Jun, 2011 (101 weeks ago) |
i am very sexy
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| 07 Jun, 2011 (101 weeks ago) |
| i love sexy girls............. |
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| 07 Jun, 2011 (101 weeks ago) |
| hello rapchick |
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| 04 Jun, 2011 (102 weeks ago) |
| i love my friends |
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| 04 Jun, 2011 (102 weeks ago) |
| hi every |
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| 04 Jun, 2011 (102 weeks ago) |
| kiiiiiiiiiui |
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| 03 Jun, 2011 (102 weeks ago) |
| i need hot girls |
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| 31 May, 2011 (102 weeks ago) |
| this is not a good site |
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| 29 May, 2011 (103 weeks ago) |
| Kiero cojer con alguien |
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| 29 May, 2011 (103 weeks ago) |
| i love ............... Girl but girl hate me |
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| 28 May, 2011 (103 weeks ago) |
| hey mujhe ak frend chahiya kya aap banoge to chat me |
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| 28 May, 2011 (103 weeks ago) |
| hi any body |
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| 28 May, 2011 (103 weeks ago) |
| hi..........any one is there |
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| 25 May, 2011 (103 weeks ago) |
o.o
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| 23 May, 2011 (104 weeks ago) |
| i want to have fun if u no wat i mean |
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| 22 May, 2011 (104 weeks ago) |
| hi , any one here? |
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| 19 May, 2011 (104 weeks ago) |
hi
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| 17 May, 2011 (104 weeks ago) |
| reza |
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| 17 May, 2011 (105 weeks ago) |
i want sex
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| 15 May, 2011 (105 weeks ago) |
Hey gals!!!
add me as frnd i'll rock yo world |
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| 15 May, 2011 (105 weeks ago) |
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| 10 May, 2011 (105 weeks ago) |
| salam 3alaykem |
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| 09 May, 2011 (106 weeks ago) |
| hi |
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| 09 May, 2011 (106 weeks ago) |
| i have big boobs.i want somebody suck me. |
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| 08 May, 2011 (106 weeks ago) |
| Hey...anybody want some...fun? ;) x |
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| 06 May, 2011 (106 weeks ago) |
| hi |
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| 06 May, 2011 (106 weeks ago) |
| comon hot girls |
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| 06 May, 2011 (106 weeks ago) |
| comon hot girlsssssss |
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| 05 May, 2011 (106 weeks ago) |
आज मैं बहुत खुश हूँ
मेरा नाम मानसी है। मैंने अपनी कहानी "बहुत प्यार करती हूँ" अन्तर्वासना में भेजी थी, आप सबकी तरफ से बहुत अच्छे उत्तर मिले थे। आज मैं आपको अपनी दूसरी कहानी बताने जा रही हूँ, आशा है आप सबको पसंद आएगी। मेरी पहली कहानी जिन्होंने पढ़ी थी उन्हें उस इंसान के बारे में मालूम ही होगा जिससे मैं प्यार करने लगी थी। जब उसकी शादी हो गई तो मैं खुद को बहुत अकेला महसूस करने लगी थी। हालाँकि मैं जिससे प्यार करती थी, उससे मैंने कभी भी शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनाये थे लेकिन फिर भी उसकी कमी मुझे अपनी ज़िन्दगी में महसूस होती थी। उसकी शादी होने के बाद तो मुझे यकीन हो ही गया था कि अब वो इंसान मुझे कभी नहीं मिलेगा। लेकिन मैं जैसे जैसे बड़ी हो रही थी मेरे अन्दर भी हर लड़की की तरह सेक्स की भावना बढ़ती जा रही थी। लेकिन कभी किसी से शारीरिक संबंध बनाने से मैं भी डरती थी लेकिन जब मन करता था तो अकेले ही मुठ मार कर अपना काम चला लेती थी।
मन तो करता था कि कोई हो जो मुझे प्यार करे, जिसके साथ मैं वक़्त बिता सकूँ। लेकिन न कभी किसी और से प्यार हुआ न मेरी ज़िन्दगी में उसके बाद कोई और आया। मैं हर वक़्त यही सोचती रहती थी कि कब मेरी भी शादी हो और मैं भी अपने पति से जी भर कर चुदवाऊँ। लेकिन मेरी शादी होने में अभी वक़्त था। धीरे धीरे मन में सेक्स की भावना इतनी बढ़ गई थी कि मैं यही सोचती कि कब मुझे मौका मिले और मैं जी भर कर ग्रुप सेक्स करूँ। कम से कम छः-सात लड़के मेरी एक साथ चुदाई करें। मैं जानती थी कि ऐसा हो नहीं सकता, लेकिन मन नहीं समझता उसे तो बस चूत की प्यास से मतलब था।
लेकिन मेरी यह इच्छा उस दिन पूरी हो ही गई जब एक दिन मेरे मम्मी-पापा कुछ दिनों के लिए किसी रिश्तेदार के यहाँ गए हुए थे। घर में मैं और मेरा बड़ा भाई थे। मम्मी-पापा एक हफ्ते से पहले वापिस आने वाले नहीं थे। तभी भैया के पास उनके कुछ दोस्तों का फ़ोन आया, उन लोगों को मुंबई जाना था। लेकिन ख़राब मौसम होने की वजह से उनकी उड़ान रद्द हो गई। तो भैया ने उन्हें अपने घर आने के लिए कह दिया। सर्दी के दिन थे, भैया ने उन्हें कहा कि पूरी रात एअरपोर्ट पर कैसे रहोगे, घर आ जाओ। वो लोग मान गए।
वो दस लोग थे। भैया ने उन सबके खाने का इन्तज़ाम किया और उनका इंतज़ार करने लगे। तभी अचानक पापा का फ़ोन आया कि वो जिस रिश्तेदार के यहाँ गए थे उनकी मृत्यु हो गई है और भैया को वहाँ आना पड़ेगा। भैया ने पापा को बताया कि उनके कुछ दोस्त घर पर आ रहे हैं तो पापा ने कहा कि उन्हें मानसी खाना खिला देगी। लेकिन तुम्हारा यहाँ आना ज़रूरी है।
भैया ने अपने दोस्तों को फ़ोन कर दिया कि मुझे जाना पड़ेगा लेकिन मानसी घर पर है, तो तुम लोग आ जाओ और खाना खा कर यही आराम कर लेना। वो लोग राज़ी हो गए। जब वे सब घर पर आये तो मैं पहले तो थोड़ा घबरा गई कि मैं इनके साथ पूरे घर में अकेले कैसे करुँगी लेकिन भैया के दोस्त बहुत अच्छे थे और उन्होंने कहा कि तुम आराम से बैठी रहो और बस हमें यह बता दो कि सब चीज़ें कहाँ हैं हम खुद ले लेंगे। उनमें से दो लोग रसोई में आ गए और बाकी सब कमरे में बैठ कर टी.वी देखने लगे। मैंने उन्हें बता दिया लेकिन रसोई में उनके साथ ही खड़ी रही कि कहीं उन्हें किसी चीज़ की ज़रूरत न हो। उनमें से एक का नाम सागर था। मैंने महसूस किया कि वो जब से आया था तब से मुझे ही देखे जा रहा था और जब मैं उसे देखती थी तो वो अपनी नज़रें मुझ पर से हटा कर कहीं और देखने लगता था।
उसके बाद हम सबने साथ ही खाना खाया। फिर मैं अपने कमरे में सोने चली गई। उनमें से कुछ लोग मम्मी पापा के कमरे में लेट गए और कुछ भैया के कमरे में। मैं नीचे जाकर सो गई और अपने कमरे को अन्दर से बन्द कर लिया। थोड़ी देर के बाद सागर नीचे आया और बोला- मानसी हमें नींद नहीं आ रही है, तुम कुछ फिल्म की सीडी निकाल कर दे दो हम देख लेंगे।
मैंने कहा- ठीक है।
मैं उन्हें सीडी देने गई और सोचा कि नींद तो मुझे भी नहीं आ रही है तो मैं भी इन लोगों के साथ बैठ जाती हूँ।
मैं वहीं सागर की बगल में बैठ गई और थोड़ी देर में ही हम सबके बीच हंसी मजाक शुरू हो गया। तभी अचानक सागर ने मेरे हाथ पर अपना हाथ रख दिया और मैं कुछ नहीं बोल पाई। सागर मेरी और ही देख रहा था कि तभी उसका एक दोस्त नितिन बोला- क्या बात है सागर ! जब से आये हो, मानसी को ही देख रहे हो ! अगर पसंद आ गई है तो शादी का प्रस्ताव रख दो। इसके भाई को हम मना ही लेंगे।
उसने कहा- ऐसा कुछ नहीं है।
वैसे उसका हाथ पकड़ना मुझे भी अच्छा लगा। सर्दी के दिन थे हम सब रजाई में बैठे थे इसलिए किसी को पता नहीं चला कि उसने मेरा हाथ पकड़ा है। लेकिन अचानक उसे पता नहीं क्या हुआ कि वो मेरे होठों पर चूमने लगा। उसके सब दोस्त हैरान रह गए और मैं भी।
मुझे कुछ समझ ही नहीं आया कि मैं क्या करूँ। पसंद तो वो भी मुझे पहली ही नज़र में आ गया था लेकिन मेरे दिल में यह डर बैठा था कि यह सब मेरे घर में पता चल गया तो क्या होगा। लेकिन उसे छोड़ने का मन मेरा भी नहीं कर रहा था। तभी नितिन ने भी पीछे से आकर मेरे स्तनों को दबाना शुरू कर दिया लेकिन मैंने झटके से उसे पीछे कर दिया और सागर को भी।
मैंने कहा- आप लोग यह सब क्या कर रहे हो।
तभी सागर ने कहा- मानसी हम सब आज की रात यहाँ हैं और हम चाहते हैं कि तुम पूरी रात हमारे साथ रहो। हम तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहते हैं।
मैंने कहा- पागल हो गए हो क्या तुम सब लोग? मेरे घर में पता चल गया तो पता नहीं क्या होगा।
उन्होंने कहा- हम तुम्हारे भाई को कभी पता नहीं चलने देंगे। हमारा विश्वास करो, आखिर वो हमारा दोस्त है।
मैं उन्हें मना करना चाहती थी कि तभी मैंने सोचा कि मेरा जो ग्रुप सेक्स करने का सपना था वो आज सच हो सकता है। वैसे भी ये दस लोग हैं मैं मना करुँगी तो यह मेरे साथ जबरदस्ती भी कर सकते हैं। तब मैं क्या करुँगी। इस से अच्छा है कि खुद ही राज़ी हो जाऊं। शायद ऐसा मौका दुबारा न मिले और अगर इन्होने मेरे घर में बता भी दिया तो मैं यह कह सकती हूँ कि यह इतने सारे लोग थे इन्होंने मेरे साथ जबरदस्ती की थी। मैं अकेली क्या करती।
तभी सागर ने मुझे पूछा- क्या सोच रही हो मानसी, तुम तैयार हो ना?
मैंने उसे कुछ नहीं कहा और उसके होंठों पर चुम्बन करने लगी। वो समझ गए कि मैं तैयार हूँ। सागर के साथ किस करने में बहुत मज़ा आ रहा था। 15 मिनट तक मैं उसे चूमती रही और मुझे कुछ भी होश नहीं था। जब मैं उससे अलग हुई तो नितिन ने आकर मुझे चूमना शुरू कर दिया। उसके बाद उसके सभी दोस्तों ने मेरे साथ यही किया और ऐसे ही एक घण्टा बीत गया। उस वक़्त तक हम में से किसी ने भी अपने कपड़े नहीं उतारे थे।
तभी सागर ने कहा- मानसी, तुम हम सबके कपड़े उतारो !
तो मैंने कहा- ठण्ड है ! नहीं होगा।
हमने रूम-हीटर चालू किया और उसके बाद मैंने एक एक करके उन सबके कपड़े उतार दिए।
तभी नितिन बोला- अब हम एक खेल खेलेंगे। उसने कहा- मानसी दो दो मिनट के लिए सबके लण्ड चूसेगी और जिसका लंड ज्यादा जल्दी खड़ा होगा वही सबसे पहले चोदेगा।
लेकिन मैं सबसे पहले सागर से चुदवाना चाहती थी। पता नहीं क्यूँ ! शायद वो मुझे पसंद था इसलिए।
उसके बाद मैंने एक एक करके सबके लण्डों को चूसना शुरू किया। मेरे साथ वही सब हो रहा था जो मैं करना चाहती थी। और आज मैं जी भर कर अपनी इच्छा को पूरा करना चाहती थी। इतने सारे लंड एक साथ देख कर मैं पागल सी हो गई थी। मैंने जी भर कर सबके लौड़ों को चूसा और सागर के लंड को मैंने जब अपने मुँह में लिया तो उसे बाहर निकालने का मन ही नहीं कर रहा था। मैंने सागर का लंड 15 मिनट के लिए चूसा जिससे वो भी पूरी तरह गर्म हो गया और उसने मेरे सर को पकड़ कर ऊपर किया, मेरे होंठ जो उसके लंड के पानी से भीगे हुए थे उन्हें चूसने लगा और सबको कहा कि मानसी सबसे चुदवाएगी लेकिन अभी हमारे बीच कोई नहीं आएगा।
सबने वैसा ही किया और सब हमें देखते रहे। मुझे शर्म आने लगी थी लेकिन सागर था कि मुझे छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था। 15 मिनट मेरे होंठ चूसने के बाद उसने कहा- अब तुम अपने कपड़े उतारो, हम सब तुम्हारी चूत को चाटेंगे।
मैंने सागर से कहा- मेरी चूत पर तो बाल हैं।
उसने कहा- तुम फ़िक्र मत करो।
उसने अपने एक दोस्त को इशारा किया और वो अपने बैग में से रेज़र लेकर आया। सागर ने मुझे अपनी गोद में उठाया और मुझे बाथरूम में ले जा कर बाथ टब में लिटा दिया। उसके बाद उसने मेरी टांगें फैला दी और मेरी चूत को गीला करके उस पर ढेर सारा साबुन लगा दिया। उसके बाद उसका एक दोस्त मेरी चूत के होठों को खोलता जा रहा था और सागर बड़े प्यार से मेरी चूत के बाल साफ़ कर रहा था। सागर का एक दोस्त मेरे होंठों को चूस रहा था, एक मेरे वक्ष मसल रहा था और बाकी सब वहीं खड़े होकर देख रहे थे। यह सब देख कर उनके लौड़े भी तनकर खड़े हो चुके थे। थोड़े बाल साफ़ करने के बाद सागर ने मेरी चूत को पानी से धोया और अपनी जीभ मेरी चूत में डाल दी। मैं काँप उठी जैसे कोई करंट लगा हो।
थोड़ी देर में जब उसने मेरी चूत पूरी तरह साफ कर दी तो उसके बाद नितिन मुझे उठा कर कमरे में ले आया और लाकर मुझे बेड पर लिटा दिया। कमरे में लाते ही सागर मेरी टांगों के बीच आकर बैठ गया और चूत के दोनों होंठों को खोल कर देखने लगा। मुझे शर्म आने लगी और मैंने अपना चेहरा अपने हाथों से ढक लिया।
तभी सागर बोला- क्या चिकनी बुर है। इसे तो मैं जी भर कर चूसूंगा उसके बाद चोदूंगा।
तब उसके सभी दोस्तों ने बारी बारी से मेरी चूत को चाटा। मैंने ऐसा पहले कभी महसूस नहीं किया था क्यूंकि सब के सब मेरे साथ कुछ ना कुछ कर रहे थे और मैं पागल सी होती जा रही थी।
अब सागर की बारी थी। सागर आकर मेरी टांगों के बीच बैठ गया था। इससे पहले मैं कम से कम तीन बार झड़ चुकी थी।
सागर ने मेरी टांगों को उठा कर अपने कंधे पर रख लिया और मेरी चूत के होंटों को खोल दिया। उसके बाद सागर ने अपनी एक ऊँगली मेरी गांड में डाल दी और नीचे झुक कर अपनी जीभ मेरी चूत के अन्दर। उसकी गरम जीभ अपनी चूत के अन्दर जाते ही मैं अन्दर तक सिहर गई। मुझे ऐसा लगने लगा कि मैं किसी स्वर्ग में घूम रही हूँ। मेरी चूत को चाटते हुए सागर घूम गया और उसने अपना लौड़ा मेरे मुँह की तरफ कर दिया और कहा कि मैं उसे अपने मुंह में लूँ।
मैंने जैसे ही उसका गर्म लंड अपने मुंह में लिया वैसे ही उसके बदन में भी एक करंट सा लगा। अब हम 69 अवस्था में थे। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। लगभग आधे घंटे उसी अवस्था में रहने के बाद सागर मेरे ऊपर से हट गया। इस बीच मैं दो बार झड़ चुकी थी और सागर था कि झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था।
सागर ने अपने दोस्तों से कहा- यार, बहुत अच्छा लौड़ा चूसती है, बहुत मस्त माल है।
तभी उसके दोस्त ने कहा- फिर तो इसकी जी भर कर चुदाई करेंगे।
नितिन ने कहा- यार इतना मस्त माल है तो चोदने में मज़ा आ ही जायेगा और वो भी अपने मर्ज़ी से चुदवा रही है।
तभी मेरे दिमाग में ख्याल आया कि अगर मैं इनसे अपनी मर्ज़ी से चुदवाऊँ तो यह लोग बहुत आराम से चोदेंगे लेकिन मैं इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहती थी और जबरदस्त चुदाई करवाना चाहती थी। इसलिए मैंने एक चाल चली। जब सागर मेरे ऊपर से हट कर अलग हुआ तो मैं उठ कर खड़ी हो गई और कहा- बस अब यह सब यहीं ख़त्म करो और मुझे जाने दो।
तभी नितिन ने कहा- जाती कहाँ है साली रंडी ! अभी तो तेरी चुदाई बाकी है।
मैंने कहा- मुझे छोड़ दो !
और मैं कमरे से बाहर जाने लगी कि तभी उसने मुझे खींच कर बिस्तर पर पटक दिया। मैंने सागर की तरफ देखा तब मैंने महसूस किया कि उसे भी शायद यह सब अच्छा नहीं लग रहा और वो भी नहीं चाहता कि यह सब हो लेकिन अब हम कुछ नहीं कर सकते थे। अगर वो अपने दोस्तों को मना भी करता तो कोई उसकी बात नहीं सुनता और सब मेरे साथ जबरदस्ती करते। जबरदस्ती तो वो लोग अब भी कर ही रहे थे क्यूंकि मैं भी यही चाहती थी।
मैंने नितिन से कहा- प्लीज़, मुझे जाने दो !
लेकिन उसने मेरी एक नहीं सुनी और मेरे पास आकर बैठ गया। मैंने उठने की कोशिश की लेकिन तभी उनके दोस्तों ने मेरे हाथ और मेरे पांव पकड़ कर मुझे पूरी तरह जकड लिया और सागर आकर मेरे स्तनों को मसलने और दबाने लगा। नितिन गन्दी गन्दी गालियाँ देने लगा। साली रंडी दस-दस लोगों से चुदवाने को तैयार है और सीधी बनने की कोशिश करती है। आज देख तेरी ऐसी चुदाई होगी रंडी कि तू सारी ज़िन्दगी याद रखेगी। तेरी चूत का भोसड़ा बनायेंगे आज। ऐसा चोदेंगे कि दुबारा किसी से चुदने से पहले दस बार सोचेगी।
मैं समझ गई थी कि सब लोग गरम हो चुके हैं और मैं भी अपनी चूत में लंड लेने को बेकरार थी। सागर मेरे ऊपर लेट कर मेरे होंठों को चूसने लगा और मम्मों को दबाने लगा। मेरे हाथ और पैर तो उसके दोस्तों ने पकड़ रखे थे। इसलिए मैं हिल भी नहीं पा रही थी। तभी सागर सीधा होकर मेरी चूत के पास घुटनों के बल बैठ गया और मेरी टांगें फैला कर ऊपर की ओर कर दी। उसका एक दोस्त मेरे होंठों को चूसने लगा और नितिन मेरे मम्मों को मसलने लगा। मेरे मम्मों में भी दर्द हो रहा था।
तभी सागर ने अपना नौ इंच लम्बा लंड मेरी चूत पर रखा और एक ही झटके में पूरा का पूरा लंड मेरी चूत को चीरता हुआ अन्दर जड़ तक चला गया। मुझे सबने इतने कस कर पकड़ रखा था कि मैं हिल भी नहीं पा रही थी। जैसे ही उसने अपना लंड मेरी चूत में डाला, मैं दर्द के मारे तड़प उठी और हिल ना पाने की वजह से अन्दर ही तड़प कर रह गई। होंठ भी एक लड़के ने अपने होंठों से बंद कर रखे थे तो आवाज़ भी नहीं निकल पा रही थी। दर्द की वजह से मेरी आँखों में आंसू आ गए जिसे देख कर सागर को दुःख हुआ और वो अपना लंड बाहर निकालने लगा।
मैंने इशारे से उसे मना कर दिया। वो थोड़ी देर के लिए रुक गया। और जब दर्द कुछ कम हुआ तो उसने धीरे धीरे धक्के मारने शुरू किये। अब मुझे भी मज़ा आने लगा था तो मैं भी सागर का पूरा साथ देने लगी। मैंने उन्हें अपने हाथ और पैर छोड़ने को कहा। और दो लड़कों के लौड़ों को अपने हाथों में लेकर उनकी मुठ मारने लगी। नितिन का लंड मेरे मुंह में था। दो लड़के मेरे मम्मों को पकड़ कर मसलने लग गए और बाकी सब अपनी अपनी जीभ मेरे पूरे बदन पर रगड़ रहे थे। मेरा पूरा बदन एक साथ चुद रहा था। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। करीब आधे घंटे चुदाई करने के बाद सागर ने सबको कहा- अब सब झड़ने के लिए तैयार हो जाओ।
मैंने उन सबसे कहा- अपने लौड़ों का पानी मेरे ऊपर डाल दो और सागर से कहा कि तुम मेरी चूत के अन्दर ही झाड़ना।
सागर ने वैसे ही किया। करीब 5 मिनट के बाद चारों लड़के (सागर, नितिन) और जिनके लंड मेरे हाथ में थे, एक साथ झड़े और सबने अपना पानी मेरे ऊपर डाल दिया। सागर का गरम वीर्य मैं अपनी चूत में महसूस कर रही थी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।
उसके बाद बाकी सबने भी मुझे बारी बारी से चोदा। उस पूरी रात में मेरी बारह बार चुदाई हुई। बाकी सबने एक एक बार और सागर और नितिन ने मुझे दो-दो बार चोदा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। उसके बाद सबने बाथरूम में जाकर अपने लौड़ों को साफ़ किया और सुबह के छः बजे जाकर कमरे में सो गए। लेकिन मैं इतनी जबरदस्त चुदाई के बाद उठने की भी हिम्मत नहीं कर पा रही थी। तब सागर ने कहा- मानसी, तुम यहीं रहो, मैं आता हूँ।
और उसके बाद वो बाथरूम में जाकर बाथटब में गरम पानी भर कर आया। और मुझे अपनी गोद में उठा कर बाथरूम में ले गया। उसने जाकर मुझे टब में लिटा दिया और मेरी चूत को हल्के हाथ से सहलाने लगा। इससे मेरी चूत को बहुत आराम मिल रहा था। मेरी पूरी चूत बुरी तरह से लाल थी और बहुत दर्द हो रहा था। उसके बाद सागर ने मुझे लाकर बिस्तर पर लिटाया। और मेरे बदन को पोंछा जिससे मुझे बहुत आराम मिल रहा था। तभी सागर आकर मेरे पास लेट गए और मुझे रजाई में लेकर अपने साथ चिपका लिया। मुझे उसकी बाहों में एक सुकून सा मिला। जिस इंसान की कमी मैं अपनी ज़िन्दगी में महसूस करती थी, लगा कि सागर उस कमी को पूरा कर सकता है। लेकिन यह बात मैं उसे कैसे कहती। उसके सामने ही उसके दोस्तों से चुदी हूँ।
तब सागर ने मेरे चेहरे को अपने हाथों में लिया और कहा- मानसी, मुझे माफ़ कर दो। आज तुम्हारे साथ जो भी हुआ उसका जिम्मेदार मैं ही हूँ। ना मैं शुरुआत करता और ना तुम्हारे साथ यह सब होता। लेकिन मैं सच में तुम्हें पसंद करने लगा हूँ। मैं जानता हूँ कि तुम यही सोच रही होगी कि तुम्हारे साथ ऐसा करने के बाद भी मैं यह सब कह रहा हूँ। लेकिन ये सच है मानसी। मैं तुम्हें पसंद करता हूँ और तुमसे शादी करना चाहता हूँ। तुम्हारे भाई के वापिस आते ही मैं उससे तुम्हारा हाथ मांगूंगा।
और मैं भी उसकी बात को स्वीकार करते हुए उसके कंधे पर सर रख कर लेट गई। नींद कब आई पता ही नहीं चला।
जब नींद खुली तो सुबह के 11 बज रहे थे। मैंने जल्दी से उठ कर कपड़े पहने। सब लोग नहा कर तैयार हो गए। पूरा बदन रात की चुदाई से दर्द कर रहा था। लेकिन इस दर्द में उस प्यार का एहसास भी था जो मुझे सागर से मिला था। उसके बाद मैंने सब के लिए चाय बनाईं। सब लोग चाय पीकर निकल गए और जाते जाते सागर ने मुझसे कहा कि मैं उसका इंतज़ार करूँ, वो मुझे लेने आएगा। उसकी बात पर यकीन भी था लेकिन मन में शक भी था। उसके बाद दो साल तक सागर की कोई खबर नहीं आई। ना ही भाई से पूछने की हिम्मत थी उसके बारे में।
तब तक मेरी पढ़ाई भी ख़त्म हो चुकी थी। घर में मेरी शादी की बातें होने लगी थी। लेकिन मुझे तो सागर का इंतज़ार था। कभी कभी लगता कि अगर उसे आना ही होता तो क्या वो इन दो सालों में मुझसे मिलने की बात करने की कोशिश नहीं करता। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ इसका मतलब उसने जो कहा शायद वो सब मुझे दिलासा देने के लिए कहा था। मैंने घर वालों को शादी के लिए हाँ कह दी और कहा कि वो जिसे भी मेरे लिए पसंद करेंगे मैं उसी से शादी कर लूंगी।
एक दिन मम्मी ने बताया कि मुझे देखने लड़के वाले आ रहे हैं। मन में एक अजीब सा डर समाया हुआ था और सागर की बातें भी दिमाग में घूम रही थी। जब लड़के वाले आ गए तो मुझमें हिम्मत ही नहीं थी कि एक नज़र उठा कर उस लड़के को देखूं। यह शादी तो वैसे भी मैं घर वालों की ख़ुशी के लिए कर रही थी। मैं जाकर कमरे में बैठ गई। थोड़ी देर इधर उधर कि बातें होती रही। लेकिन मैंने एक नज़र उठाकर उस लड़के की ओर एक बार देखा तक नहीं क्यूंकि मुझे सिर्फ सागर का इंतज़ार था। जब मैं उन लोगों के सामने गई तो लड़के की माँ बोली- हमें आपकी बेटी पसंद है।
मैंने सोचा- बिना कुछ पूछे बिना कुछ जाने एक ही नज़र में पसंद कर लिया।
तब लड़के की मम्मी ने कहा- दोनों को एक दूसरे से बात कर लेने दो।
मेरी तो सांस ही अटक गई। क्या बात करुँगी, कैसे करुंगी। तब मेरी बहन हमे ऊपर वाले कमरे में ले गई। मैंने अब तक एक बार भी नज़र उठा कर उस लड़के की ओर नहीं देखा था क्यूंकि यह शादी मेरी मर्ज़ी नहीं मजबूरी थी। कमरे में आने के बाद बहन बाहर चली गई। मैं और वो लड़का बैठ गए।
तब उसने मुझसे कहा- क्या बात है, आप मेरी तरफ देखेंगी नहीं?
आवाज़ जानी-पहचानी सी लगी। चेहरा उठा कर ऊपर देखा तो वो सागर ही था। मैं एक दम से खड़ी हो गई और उसे देखती ही रही। मुँह से एक भी शब्द नहीं निकला और उसने सिर्फ इतना ही कहा- मानसी, मैंने जो वादा किया था उसे पूरा करने आया हूँ।
उसे देख कर मेरे दिल में जो ख़ुशी थी वो मेरी आँखों में साफ़ दिखाई दे रही थी। लेकिन उसके साथ ही आंसू भी थे। मैंने कहा- अब तुम्हें याद आई मेरी ? दो साल मैंने कैसे बिताए, जानते हो?
उसने बस इतना कहा- दो साल बाद मिल रही हो, गले भी नहीं लगोगी क्या?
मैं उसके गले लग गई और रो पड़ी। उसने कहा- क्या हुआ? रो क्यूँ रही हो?
मैंने कहा- इतने दिनों के बाद आये हो, यह भी नहीं सोचा कि मेरा क्या हाल होगा। तुमने तो कहा था कि भाई के आते ही उससे बात करोगे।
तो उसने कहा- मानसी, जब मैं तुमसे मिला था, उस वक़्त मेरी नौकरी बिल्कुल नई थी, जीवन में स्थापित होने के बाद ही तो तुम्हारे भाई से तुम्हारा हाथ मांगता। पहले मांग लेता तो वो मना कर देता। आज उसे पता है कि मैं अपनी जिन्दगी में सुस्थपित हूँ और तुम्हें खुश रख सकता हूँ इसलिए वो भी मेरे एक ही बार कहने पर मान गया। और इसलिए आज मैं अपने मम्मी पापा को तुम्हारे घर लेकर आया हूँ तुम्हारा हाथ मांगने। और तुम्हारे घर वालों ने इसलिए कुछ नहीं बताया था क्यूंकि मैं तुम्हें आश्चर्य-चकित कर देना चाहता था। अगर तुम्हें पहले पता होता तो मैं तुम्हारे चेहरे के वो भाव ना देख पाता जो मेरी आवाज़ सुनकर तुम्हारे चेहरे पर थे।
मैं उसे कुछ नहीं कह पाई और उसके गले लग गई। आज मैं बहुत खुश हूँ।
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| 04 May, 2011 (106 weeks ago) |
| sjkk kyl ;l lul |
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| 30 Apr, 2011 (107 weeks ago) |
| hi!! |
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| 27 Apr, 2011 (107 weeks ago) |
hey all i am new here !!
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| 27 Apr, 2011 (107 weeks ago) |
hey all i am new here !!
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| 25 Apr, 2011 (108 weeks ago) |
| hi |
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| 25 Apr, 2011 (108 weeks ago) |
Hi enyone here@@?
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| 19 Apr, 2011 (108 weeks ago) |
| bad boys |
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| 18 Apr, 2011 (109 weeks ago) |
| i kiss you |
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| 16 Apr, 2011 (109 weeks ago) |
| you have msn |
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| 14 Apr, 2011 (109 weeks ago) |
| hi how are u |
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| 12 Apr, 2011 (109 weeks ago) |
| hello any one online that speaks english |
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| 09 Apr, 2011 (110 weeks ago) |
| buss |
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| 05 Apr, 2011 (110 weeks ago) |
i love every girl nd if some one wana sex with me dial my contact no.
08955323417 |
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| 03 Apr, 2011 (111 weeks ago) |
| afim de um bom papo |
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| 01 Apr, 2011 (111 weeks ago) |
i need a girl. . .
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| 01 Apr, 2011 (111 weeks ago) |
| Hi friends |
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| 30 Mar, 2011 (111 weeks ago) |
| any hot guys i am very single right now!!!!! ummm jk im only 18 and still a virgin!!!! |
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| 28 Mar, 2011 (112 weeks ago) |
| i love to have sex mmmm |
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| 28 Mar, 2011 (112 weeks ago) |
| Hi ne one s thr |
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| 27 Mar, 2011 (112 weeks ago) |
hi
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| 27 Mar, 2011 (112 weeks ago) |
| hey |
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| 24 Mar, 2011 (112 weeks ago) |
| Hi anybdy thr? |
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| 22 Mar, 2011 (113 weeks ago) |
| i love hot boys |
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| 15 Mar, 2011 (113 weeks ago) |
| hi every body i need to speak english because i need to learn english pls help me?and chat with me. |
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| 12 Mar, 2011 (114 weeks ago) |
hi
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| 10 Mar, 2011 (114 weeks ago) |
| love you babes...rakesh |
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| 08 Mar, 2011 (114 weeks ago) |
| hi |
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| 07 Mar, 2011 (115 weeks ago) |
| ewewee |
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| 05 Mar, 2011 (115 weeks ago) |
| Hey ppl..nebdy dr 2 chat?! |
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| 05 Mar, 2011 (115 weeks ago) |
| Not so popular :\ |
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| 05 Mar, 2011 (115 weeks ago) |
| Not so popular :\ |
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| 05 Mar, 2011 (115 weeks ago) |
| Yes. Pls i need a very good and sincerely friend. I am online pls chat with me |
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| 04 Mar, 2011 (115 weeks ago) |
is there any alive body here?
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| 03 Mar, 2011 (115 weeks ago) |
| andhera ka ehsas sham se hota h, nashe ka ehsas jaam se hota hai, yu to hajaro gum hai is duniya me,magar dard ka ehsas mohabbat ke naam se hota hai..... |
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| 03 Mar, 2011 (115 weeks ago) |
| Plz call me 7760513079 |
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| 25 Feb, 2011 (116 weeks ago) |
hello
my room is( strong love) |
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| 25 Feb, 2011 (116 weeks ago) |
| hello |
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| 23 Feb, 2011 (116 weeks ago) |
| hello.I cant speak english very well.but I love you guys and your language.I am sara |
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| 22 Feb, 2011 (116 weeks ago) |
Hi everyone. Whoever is bored chatting at this room should probably visit this room awesome room that i have found
Just search for a room named RWJ
Jump in and ENJOY!!
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| 21 Feb, 2011 (117 weeks ago) |
| hii pplz |
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| 21 Feb, 2011 (117 weeks ago) |
| im hot |
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| 21 Feb, 2011 (117 weeks ago) |
| im hot |
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| 19 Feb, 2011 (117 weeks ago) |
| i luv hot boyz |
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| 19 Feb, 2011 (117 weeks ago) |
Hello every one:-)
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| 19 Feb, 2011 (117 weeks ago) |
| how are you |
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| 19 Feb, 2011 (117 weeks ago) |
| WHere Is Everbody I wanna talk ? ;) |
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| 12 Feb, 2011 (118 weeks ago) |
प्रियंका और उसकी मां, बस ये दो ही थे उस परिवार में। प्रियंका 19 वर्ष की होगी और उसकी मां प्रीति 42 वर्ष की थी। पर उसकी मां को देख कर कोई भी यह नहीं कह सकता था कि वो 42 वर्षीय उसकी मां है। उन्होंने अपने आप को जैसे सांचे में ढाल रखा था। यदि प्रियंका की मां को अंधेरे में देखो तो वो प्रियंका ही लगती थी। प्रियंका भी उन्हीं के नक्शो कदम पर चल रही थी। वह भी बहुत सुन्दर फ़िगर की मालकिन थी। प्रियंका एक स्वतन्त्र विचारों वाली एक स्व्छन्द नवयौवना थी। कालेज में वो अपने ही क्लास के लड़के सजल को दिल दे बैठी थी। सजल एक सजीला युवक था। पर वो प्रियंका के लिये कभी भी अच्छा मित्र साबित नहीं हुआ था। पर प्रियंका थी कि बस उस पर मर मिटी थी। सजल प्रियंका की भावनाओ को भड़काने के लिये उसे ब्ल्यू फ़िल्मो की सीडी, डीवीडी या अश्लील पुस्तकें ला कर दिया करता था। अधिकतर तो सजल प्रियंका के साथ ही ब्ल्यू फ़िल्म देखा करता था इस तरह से उसने प्रियंका को वासना के नशे में डाल कर उसके साथ यौन सम्बन्ध भी बना लिए थे।। प्रियंका इस रास्ते में आगे बढ़ने लगी थी। उसे सेक्स की आदत सी पड़ने लगी थी। वो बिना चुदे अब नहीं रह पाती थी।
सजल को अब दूसरी लड़की चाहिये थी सो वो रश्मि के चक्कर में पड़ गया। रश्मि उसी सीडी लाईब्रेरी वाले दोस्त विशाल की बहन थी। रश्मि का काम भी अपनी दुकान से ब्ल्यू सीडी ला कर लड़कियों को देना था। वो भी उसी दुकान में कालेज के बाद बैठा करती थी। ताकि लड़कियां उसके पास से ब्ल्यू सीडी बेहिचक ले जाया करें।
सजल और रश्मि का भाई विशाल दोनों दोस्त भी थे। चूंकि रश्मि ब्ल्यू फ़िल्मों से वाकिफ़ थी सो जल्दी ही सजल से चुदने लगी थी। प्रियंका को यह पता चल गया था सो वो किसी और की तलाश में भी थी।
विशाल भी प्रियंका के बदन का मज़ा लेना चाहता था तो उसने जब सजल से प्रियंका को पटाने और दोस्ती करवाने को कहा तो वह तुरन्त मान गया। रश्मि, विशाल और सजल तीनों ने प्रियंका को पटाने का कार्यक्रम बनाया।
सजल प्रियंका को रश्मि की दुकान पर ले गया तो वहाँ पर विशाल और रश्मि दोनों ही थे। सजल ने प्रियंका को विशाल से मिलवाया और रश्मि ने भी विशाल की खूब तारीफ़ की। वे तीनों अन्दर के कमरे में बैठे हुये बातचीत कर रहे थे। पहली ही नजर में प्रियंका को विशाल पसन्द आ गया। उस दिन तो प्रियंका की खूब खातिरदारी भी की। प्रियंका को तो कोई मस्त लड़का चाहिये ही था, सो उसने मन बना लिया कि अब तो विशाल का ही नम्बर लगाना है।
अब तो जब भी प्रियंका दुकान पर आती तो विशाल उसका बहुत ख्याल रखता था। उसे ठण्डा, चाय कॉफ़ी आदि अवश्य पूछता था।
एक दिन रश्मि जानबूझ कर दुकान पर नहीं आई। जब प्रियंका दुकान पर पहुंची तो हमेशा की तरह विशाल ने उसका स्वागत किया। प्रियंका तो चाहती ही थी कि रश्मि वहाँ पर ना हो तो उसे विशाल को पटाने का मौका मिले। दूसरी ओर विशाल भी उस सुन्दर सी लड़की से अपनी वासना शान्त करना था । दोनों अन्दर कमरे में चले आये और विशाल ने ठण्डा मंगवा लिया।
"रश्मि...?" प्रियंका ने पूछा।
"आज तो रश्मि नहीं है, सीडी लेनी है?" विशाल ने मौका देख कर बात आगे बढ़ाई।
"हां पर रश्मि होती तो अच्छा रहता..." प्रियंका ने कहा।
"अरे आप तो मुझमें और रश्मि में फ़र्क मानती हैं, मुझे बताइएये, चाहिये क्या?"
"हां, पर वो हिन्दी डायलोग वाली..." उसने विशाल की आँखों में झांकते हुये कहा।
"ओह, ये वाली ..." उसने सीडी देख कर जान कर के कहा।
"नहीं- नहीं रहने दीजिये ... रश्मि से कल ले लूंगी !" एक ठुमके के साथ वो उठ खड़ी हुई।
'वो क्या देगी, देखो मैं तुम्हे एक से एक बढ़िया हिन्दी डायलोग वाली फ़िल्म देता हूँ, बैठो !"
विशाल ने एक अलमारी से पांच छः सीडी और डीवीडी निकाल कर दी। फिर उसने टीवी चला कर सीडी लगा दी।
"आप देखिये और पसन्द कर लीजिये ... मै बाहर ही हूँ।"
विशाल ने दरवाजा बन्द कर दिया और बाहर चला गया। बाहर आकर उसने टीवी ऑन कर लिया। प्रियंका वाले कमरे का सीन टीवी पर उभर आया। प्रियंका बड़े चाव से उस फ़िल्म को देख रही थी। उस फ़िल्म में चूत लण्ड, गाण्ड आदि शब्दों का भरपूर प्रयोग किया जा रहा था। वो भी फ़िल्म देख कर धीरे-धीरे गर्म होने लगी। उसके हाथ अपने बदन को सहलाने लगे, कभी वो अपनी चूचियाँ मलती, कभी ठण्डी सांस भर कर अपनी चूत दबा लेती। फ़िल्म में तीन लड़के एक लड़की को चोद रहे थे।
तभी उसे लगा कि वो लड़का जाना पहचाना सा है। तभी उसने उसे पहचान लिया कि ये तो विशाल ही है। पर हाय, उसका इतना सुन्दर और लम्बा लण्ड ! प्रियंका ने अपनी जीन्स सामने से खोल ली और पेण्टी नीचे सरका कर चूत को हल्के से घिस कर उत्तेजित होने लगी। उसके अन्दर की रण्डी जागने लगी थी।
बाहर टीवी पर विशाल ये सब देख कर मुस्कराने लगा था। उसके दो दोस्त और उसी सीन को देख रहे थे। तीनों ने एक दूसरे को देखा और आंख मार कर इशारा किया। पहले विशाल अन्दर गया। प्रियंका ने विशाल को देखा तो शरम से सिमटने लगी और अपनी जीन्स सम्भालने लगी।
"कैसी लगी, पूरे चार घण्टे की डीवीडी है, मजा आया ना...?"
"वो तो आप है ना ...इस फ़िल्म में ?"प्रियंका झिझकते हुये बोली।
"ओह हां, यह तो मेरा प्रोफ़ेशन है, इसके लिये मुझे बहुत पैसे मिलते हैं।"
विशाल उसके पास आ कर बैठ गया।
"और ये दो लड़के, ये भी बहुत शानदार हैं !" प्रियंका थोड़ी ओर खुल गई।
"मिलोगी इनसे ...?" विशाल ने प्रियंका के कन्धों पर अपना हाथ रख दिया। जब वो कुछ ना बोली और सिर्फ़ उसे देखती रही तो उसने हाथ नीचे लाकर उसकी चूचियों पर रख दिये। प्रियंका का मन मचलने लगा था। उसके अन्दर की औरत अंगड़ाई लेने लगी थी। विशाल ने उसकी खुली जीन्स के अन्दर हाथ घुसा दिया।
"हाय राम, क्या मार ही डालोगे?"वो सिसक उठी।
"ओह मेरी प्रियंका, ये लो तुम भी मेरा लण्ड अपने हाथ में ले लो !" विशाल ने अपनी जीन्स सामने से खोल दी और अपना लम्बा लण्ड उसके हाथों में थमा दिया। विशाल ने उसकी जीन्स पूरी उतार दी। फिर उसका कुर्ता भी उतार कर उसे पूरी नंगी कर दिया। फिर विशाल भी नंगा हो गया। दोनों एक दूसरे को वासना भरी नजर से देख रहे थे।
"वो दोनों कहाँ हैं, उनसे नहीं मिलवाओगे?" प्रियंका ने विशाल को याद दिलवाया।
"ओह हां, जरूर ... पर तीनों को झेलना पड़ेगा !" विशाल ने हंसते हुये कहा।
"कोशिश करूंगी, देखो, मेरी मदद करना, ठीक है ना !" उसने अपना रण्डीपना दिखाते हुये कहा।
"लीजिये हम हाजिर हैं ..." दोनों लड़के बिल्कुल नंगे प्रियंका के सामने खड़े थे। दोनों के लण्ड कड़क हो कर टनटना रहे थे। विशाल के हाथ प्रियंका के बदन को सहला रहे थे। प्रियंका का मन खुश हो गया। उसने तीनों को घूर कर देखा और सोफ़े पर लेट सी गई विशाल उसकी दोनों टांगों के बीच में था और वो दोनों लड़के उसके दायें और बायें खड़े थे। विशाल ने अपना लण्ड ले कर प्रियंका की चूत पर रगड़ा और अन्दर घुसा दिया। प्रियंका को पता था कि ऐसे मौके पर ब्ल्यू फ़िल्म में क्या करते हैं। उसे चाहे मजा आये या ना आये, पर वासनामयी चीखों से उन्हें यह जरूर बताओ कि बहुत मजा आ रहा है। सो उसने लण्ड के अन्दर जाते ही 'हाय राम, विशाल मजा आ गया, आह, ऊह्ह्ह, मेरे राजा..." कह कर उन्हें अपनी खुशी जताने लगी। वो खूब उछल उछल कर चुदवाती रही।
वो उन दो लड़कों में से कभी एक का लण्ड चूसती तो दूसरे को पकड़ कर हिलाती डुलाती और मुठ मारती। अब तो तीनों ही प्रियंका के सुर में सुर मिलाने लगे। तीनों ही जोर जोर से चिल्ला कर आहें भरने लगे। और इस तरह से प्रियंका की मस्त चुदाई होने लगी। फिर सबसे पहले झड़ने वालो में वो दो लड़के थे। उनका वीर्य पिचकारी की तरह प्रियंका के मुख पर भरता गया। उसकी आँखें ,नाक, गाल, वीर्य से पूरा भर गये। तभी प्रियंका भी झड़ने लगी। इसी समय विशाल ने अपना लण्ड बाहर निकाला और प्रियंका की चूचियों को वीर्य से गीला कर दिया। अब तीनों उसके मुख और बोबे पर लगी क्रीम जैसी वीर्य को फ़ैला रहे थे और प्रियंका बीच में लेटी अपनी मस्त अदाओं से उन्हें लुभा रही थी। विशाल रति क्रिया के बाद प्रियंका को साथ लगे हुये बाथरूम में ले गया और तीनों ने मिलकर प्रियंका को खूब मसल-मसल कर नहलाया।
बाहर शाम होने लगी थी ... प्रियंका ने अन्दर ही मेकअप किया और चुस्त दुरुस्त हो कर बाहर आ गई।
इतनी देर में विशाल भी एक नई नई सीडी बना कर ले आया।
"यह अब आपकी ही है। आप इसे रख लें।" विशाल ने अपनी ओर से गिफ़्ट देते हुये कहा।
"पर वो वाली भी चाहिये ..." उसने विशाल वाली भी सीडी मांग ली।
दोनों सीडी लेकर प्रियंका घर आ गई। प्रियंका की मां उसकी रंगत देख कर सब कुछ समझ गई थी। उसकी मम्मी की नजरें जवानी की अदायें अच्छी तरह से समझती थी। रात को जब प्रियंका ने वो सीडी देखी तो दंग रह गई। वो तो उसी की चुदाई की सीडी थी। वो उसे बार बार उसे देख कर उत्तेजित होती रही। कितनी शानदार सीडी बनाई थी विशाल ने।
विशाल की जिद पर एक बार रात को प्रियंका ने विशाल को अपने घर चुदाई के लिये बुला लिया। रात को अचानक प्रियंका की मम्मी प्रीति की नींद किसी खटके से खुल गई। एकदम अंधेरा था। इतनी रात को भला कौन हो सकता है ? क्या चोर ? प्रीति का दिल कांप उठा। वो धीरे से बिना कोई आवाज किये खिड़की के पास आकर बरामदे में देखने लगी। तभी उसे एक साया नजर आया। प्रीति घबरा गई। पर जल्दी ही प्रियंका का दरवाजा खुला और प्रियंका की धीमी आवाज आई।
"आ जाओ विशाल ..." और वो साया उसके कमरे जा कर बन्द हो गया।
उसकी मम्मी ने ठण्डी सांस भरी, "यह तो दिल का चोर है!"
पर प्रीति को अब चैन कहां था। वो दोनों कमरे क्या कर रहे होंगे ... चुदाई ... ओह हां ... आजकल वो लड़कों के साथ अधिक नजर आती है। उह ! जवान है चुदेगी भी। उसे अपनी जवानी याद आ गई, जब वो लड़कों से चुदा करती थी। पर हाय अब तो उसका पति राजेश भी कनाडा चला गया, जाने कब आ कर मुझे चोदेगा ? अपना मन मसोस कर रह गई वो।
उसने कमरे का पिछला दरवाजा खोला और प्रियंका के कमरे चक्कर लगाने लगी। पर उसे अन्दर झांकने को कोई सुराख नहीं मिला। अचानक उसे कुछ याद आया। वो प्रियंका के कमरे के पीछे वाली गैलरी में चली आई। वहाँ बाथरूम की दीवार में छेद करवा कर के एक नया नल लगवाया था।
दीवार का छेद काफ़ी बड़ा था। पर नल की वजह से वो छोटा हो गया था। पर प्रीति का काम हो गया था। बाथरूम का दरवाजा खुला हुआ था और कमरे में सामने चलती हुई टीवी पर उसे ब्ल्यू फ़िल्म नजर साफ़ नजर आ रही थी। कमरे में सामने ही खड़ी हुई प्रियंका उस लड़के से चुद रही थी। प्रीति उसे चुदते देख कर ठण्डी आहें भरने और अपनी छातियों को मसलने लगी। अपनी बेटी को चुदते देख कर भी वो अपने आप को भी रोक ना सकी और पेटिकोट ऊपर उठा कर अपनी चूत मलने लगी। प्रीति की चूत ने पानी जल्दी ही छोड़ दिया।
दूसरे दिन प्रियंका के जाते ही वो कमरे में कुछ ढूंढने लगी। किताबों के बीच में रखी उसे वो सीडी नजर आ ही गई। उसने आराम से वो सीडी लगाई और देखने लगी। प्रियंका को उस में काम करते देख कर वो विस्मित हो गई। अब तो प्रीति रोज ही प्रियंका की लाई हुई नई नई सीडी देखने लगी और फिर हस्त मैथुन करके शान्त हो जाया करती थी।
एक बार प्रियंका को सहेली की शादी में जाना पड़ा। विशाल को शायद यह पता नहीं था सो वो उस रात को चुपके से घर आ गया। प्रीति के मन की रण्डी जाग उठी। उन्होने प्रियंका की शमीज पहनी और चुपके से दूसरे दरवाजे से कमरे में आ गई। विशाल खूब दारु पिये हुये था। अन्धेरे में विशाल ने प्रीति को प्रियंका समझा और प्रीति को मस्ती से चोद डाला। उसे शराब के नशे में ये भी पता नहीं चला कि वो किसे चोद रहा है। प्रीति ने मौका देख कर गाण्ड भी मरा ली। प्रीति ने बहुत दिनों बाद चुदाया था सो बहुत खुश थी। पर प्रियंका को ये बात पता चल गई।
"मम्मी, कल आपने विशाल के साथ क्या किया था?"
मम्मी का शरम से चेहरा झुक गया।
"बताओ ना मम्मी ... मै तो कल रात घर पर नहीं थी, विशाल ने जब मुझे बताया तो मुझे लगा वो अवश्य ही आप थी !"
प्रीति को काटो तो खून नहीं। वो एकबारगी घबरा गई। वो मुँह फ़ेर कर जाने लगी।
"मां प्लीज, बता दो ना कि आप ही थी।" प्रियंका बेतब हो उठी जानने के लिये।
'मुझे माफ़ कर देना बेटी, मैं अपने आप को रोक नहीं पाई, रोज तुझे उसके साथ चुदते देख कर मेरा मन भी डोल गया था।" मम्मी वही सर झुकाये नीचे बैठ गई। प्रियंका ने मम्मी को उठा कर गले से लगा लिया।
"ऐसे मत कहो मम्मी, ये तो अपने आप हो जाता है, आप मुझसे कहती ना !"
"क्या बेटी..."
"आपको शानदार तरीके से, मस्त जवान लड़कों से दोस्ती करवा देती, आप भी तो मस्ती करिये ना !"
"ओह बेटी ... तू अब समझदार हो गई है।" प्रीति उससे लिपट गई।
"और मां फिर तेरी बेटी भी तो है, मुझसे भी मस्ती कर लिया करो !" प्रियंका ने मम्मी को खोलने के लिये अपने आपको भी हाजिर कर दिया। दोनों मां बेटी आपस में लिपट पड़ी। दोनों ने एक दूसरे के होंठो को खूब चूमा। मस्ती से एक दूसरे की चूचियाँ दबाई। प्रियंका अपनी मम्मी को बेशर्मी से नंगी कर रही थी। मम्मी की चूत से चूत भिड़ा कर उन्हे और भी बेशरम बना रही थी। अब दोनों आपस में खुल चुकी थी। अब प्रियंका रात को विशाल के साथ सजल को भी ले आती थी। मां बेटी अपने अपने कमरों में खूब चुदाई कराती थी।
एक बार विशाल एक बैग लाया। उसमे बहुत सारे रुपये थे। प्रियंका को उसने बताया कि जो तुम्हारी पहली ब्ल्यू फ़िल्म थी, उसे साऊथ में भेजा था। उसके पैसे आये है और ये तुम्हारा हिस्सा है।
"इतने ढ़ेर सारे पैसे ?"प्रियंका की आँखें खुली की खुली रह गई।
"ऐसे काम के बहुत सारे पैसे मिलते है, हां और तुम्हारी बहुत डिमान्ड आई है, कहो तो कुछ फ़िल्में बना कर भेज दें?"
प्रियंका तो लगभग रोज ही चुदती थी। उसने एक से बढ़ कर एक फ़िल्में बनवा डाली। उसकी मम्मी ने भी प्रियंका का पूरा साथ दिया। प्रीति ने भी गाण्ड मराने के विशेषज्ञ की तरह गाण्ड मरवाने की चुदा चुदा कर खूब फ़िल्में बनवाई। कुछ ही समय में साऊथ में पोर्न प्रियंका के नाम से ब्ल्यू फ़िल्में बिकने लगी। अब प्रियंका ने कैमरे और रेकोर्डिंग का सेट अपने ही कमरे में लगवा दिया था। विशाल के द्वारा उसके पास बहुत पैसा आने लगा था। चुदाई की चुदाई, पैसे के पैसे और उसका नाम नीली दुनिया में पोर्न प्रियंका के नाम से जाना जाने लगा। उसकी मम्मी ने गाण्ड मराने की दुनिया में प्रसि |
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| 10 Feb, 2011 (118 weeks ago) |
| I love you |
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| 09 Feb, 2011 (118 weeks ago) |
| Hi,i love hot toon women |
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| 08 Feb, 2011 (119 weeks ago) |
| hi |
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| 05 Feb, 2011 (119 weeks ago) |
hey sexy girls .. wanna have some fun ??
wanna a big one ?? come and talk to me
i can do anything to u |
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| 05 Feb, 2011 (119 weeks ago) |
| hello? |
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| 05 Feb, 2011 (119 weeks ago) |
| ????????? |
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| 02 Feb, 2011 (119 weeks ago) |
| hey, me too. |
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| 01 Feb, 2011 (119 weeks ago) |
| hey |
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| 01 Feb, 2011 (119 weeks ago) |
Hello
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| 01 Feb, 2011 (119 weeks ago) |
| hi Klausis SEXI BAUCHI http://klaus1273.de.to/ |
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| 31 Jan, 2011 (120 weeks ago) |
hello
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| 31 Jan, 2011 (120 weeks ago) |
| hola chicas |
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| 29 Jan, 2011 (120 weeks ago) |
| i want a boyfriend |
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| 28 Jan, 2011 (120 weeks ago) |
| Oie! Sou nova aqui no chat! |
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| 26 Jan, 2011 (120 weeks ago) |
hy
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| 26 Jan, 2011 (120 weeks ago) |
| Am bored any body 2 mak me feel great |
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| 25 Jan, 2011 (120 weeks ago) |
| MEE too |
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| 23 Jan, 2011 (121 weeks ago) |
| hi , i m boy from india.i belive in true friendship |
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| 22 Jan, 2011 (121 weeks ago) |
| salam shab khosh |
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| 22 Jan, 2011 (121 weeks ago) |
| who want have a s*x whit me,..??? |
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| 21 Jan, 2011 (121 weeks ago) |
| hi im new xx |
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| 21 Jan, 2011 (121 weeks ago) |
| hi |
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| 20 Jan, 2011 (121 weeks ago) |
| Hello |
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| 17 Jan, 2011 (122 weeks ago) |
| r |
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| 16 Jan, 2011 (122 weeks ago) |
hi buddies
pkp_rp@yahoo.co.in |
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| 15 Jan, 2011 (122 weeks ago) |
| Inuyasha movie?? |
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| 14 Jan, 2011 (122 weeks ago) |
| love |
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| 14 Jan, 2011 (122 weeks ago) |
| salaam |
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| 13 Jan, 2011 (122 weeks ago) |
Ohhh... My name Katie... Wish a merry christmas to all :D
i have a dream... i need more 84$ for it... if some one not greed and want help me with it.... my PayPal "wasp-@ukr.net" |
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| 12 Jan, 2011 (122 weeks ago) |
| anybody's here? |
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| 10 Jan, 2011 (123 weeks ago) |
| ooooh im soo horny right now lookin for internet sexxxxxx |
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| 08 Jan, 2011 (123 weeks ago) |
| zvveu |
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| 08 Jan, 2011 (123 weeks ago) |
| I am a hot girl with a cam to prove it, and I would pretty much do anything right this moment (well maybe not anything, but a lot more than normally would!) feeling extra naughty ... well that's unfortunate... |
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| 08 Jan, 2011 (123 weeks ago) |
| found hot girl |
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| 08 Jan, 2011 (123 weeks ago) |
| not hot girl |
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| 07 Jan, 2011 (123 weeks ago) |
| any hot girl into role play ? |
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| 07 Jan, 2011 (123 weeks ago) |
| nobody here |
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| 05 Jan, 2011 (123 weeks ago) |
I am here...................
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| 04 Jan, 2011 (123 weeks ago) |
| any girls here |
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| 04 Jan, 2011 (123 weeks ago) |
| HI sexy girls I am waiting for you dears |
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| 02 Jan, 2011 (124 weeks ago) |
| hot |
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| 02 Jan, 2011 (124 weeks ago) |
| hi darling |
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| 31 Dec, 2010 (124 weeks ago) |
| Hi friends h r u |
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| 30 Dec, 2010 (124 weeks ago) |
| I LIKE NICE AND CUTE GIRLS |
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| 28 Dec, 2010 (124 weeks ago) |
| I am a single man looking for someone who can shear good relationship with me who understand love as trust and caring not taking it as ways of fun always but a matured person with good sense of human after reading little about you i derive my interest on you I was looking for same one that is well rounded with knowledge,someone who takes care of her self physically and knows how to budget her money.has a wonderful sense of humor and not afraid to be her self,express her mind.those who love pleasure become poor,fun making and luxury are not the best ways to riches.work hard and become a leader be lazy and become a slave an empty stable stags clean but brings no income,so we mast work hard in order to make it in life |
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| 27 Dec, 2010 (125 weeks ago) |
LET CHAT
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| 27 Dec, 2010 (125 weeks ago) |
| i like sexy girls |
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| 27 Dec, 2010 (125 weeks ago) |
hi gust
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| 27 Dec, 2010 (125 weeks ago) |
hiiiiiiiiiii i am very hot
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| 23 Dec, 2010 (125 weeks ago) |
| hiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii |
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| 20 Dec, 2010 (126 weeks ago) |
| i love sexyyyyyy chat.... |
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| 19 Dec, 2010 (126 weeks ago) |
| i am cool man |
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| 19 Dec, 2010 (126 weeks ago) |
| i am girl |
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| 18 Dec, 2010 (126 weeks ago) |
| I m a boy i wanna a hot n sexy girl n woman |
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| 17 Dec, 2010 (126 weeks ago) |
| hi glz |
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| 16 Dec, 2010 (126 weeks ago) |
| hiiiiiiiiiiiiiii |
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| 12 Dec, 2010 (127 weeks ago) |
| hy all |
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| 09 Dec, 2010 (127 weeks ago) |
| Hey !! |
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| 07 Dec, 2010 (127 weeks ago) |
who there to be my friend here.hope to hear from everyone.
bye |
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| 05 Dec, 2010 (128 weeks ago) |
| hi i love hot girls |
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| 03 Dec, 2010 (128 weeks ago) |
| hi |
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| 30 Nov, 2010 (128 weeks ago) |
| Hey eny1 on fb |
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| 30 Nov, 2010 (128 weeks ago) |
| heloy my neme liza |
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| 30 Nov, 2010 (129 weeks ago) |
| hello |
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| 29 Nov, 2010 (129 weeks ago) |
| hello |
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| 29 Nov, 2010 (129 weeks ago) |
| I'm sexy 5'2 and so horny I just want a man or wo man who can get me so Hot I cum |
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| 28 Nov, 2010 (129 weeks ago) |
| bhar me jawo sary |
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| 27 Nov, 2010 (129 weeks ago) |
| assdasdasdasd |
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| 27 Nov, 2010 (129 weeks ago) |
| hiiiii |
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| 27 Nov, 2010 (129 weeks ago) |
| hhhhhhh |
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| 27 Nov, 2010 (129 weeks ago) |
| What's up? |
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| 26 Nov, 2010 (129 weeks ago) |
| im hornyyy |
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| 25 Nov, 2010 (129 weeks ago) |
| I'll chat only with nude girls |
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| 24 Nov, 2010 (129 weeks ago) |
| hi radhika r u join me |
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| 22 Nov, 2010 (130 weeks ago) |
| hi any body kasi inja hast? |
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| 22 Nov, 2010 (130 weeks ago) |
salam leila
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| 22 Nov, 2010 (130 weeks ago) |
| hi to all |
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| 22 Nov, 2010 (130 weeks ago) |
hiiiiiiiiii
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| 19 Nov, 2010 (130 weeks ago) |
| haiiiiii |
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| 18 Nov, 2010 (130 weeks ago) |
| byy |
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| 16 Nov, 2010 (130 weeks ago) |
| we |
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| 15 Nov, 2010 (131 weeks ago) |
| hi |
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| 15 Nov, 2010 (131 weeks ago) |
| life is a fun |
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| 13 Nov, 2010 (131 weeks ago) |
| hi |
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| 12 Nov, 2010 (131 weeks ago) |
| hi sexy i like all hot girls & gorgious |
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| 12 Nov, 2010 (131 weeks ago) |
| salam |
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| 11 Nov, 2010 (131 weeks ago) |
| hi |
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| 11 Nov, 2010 (131 weeks ago) |
| hi i love hot sexy boys who r smart funny n' nice! |
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| 11 Nov, 2010 (131 weeks ago) |
| hey |
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| 10 Nov, 2010 (131 weeks ago) |
hi
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| 10 Nov, 2010 (131 weeks ago) |
| hi.i love sexy girls |
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| 10 Nov, 2010 (131 weeks ago) |
| hi hello... |
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| 07 Nov, 2010 (132 weeks ago) |
| me |
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| 07 Nov, 2010 (132 weeks ago) |
| i love bad boys |
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| 07 Nov, 2010 (132 weeks ago) |
| sexy n hot |
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| 04 Nov, 2010 (132 weeks ago) |
| match me partner |
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| 31 Oct, 2010 (133 weeks ago) |
| hola |
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| 31 Oct, 2010 (133 weeks ago) |
| iam a enginear |
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| 29 Oct, 2010 (133 weeks ago) |
| salaaam |
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| 28 Oct, 2010 (133 weeks ago) |
| I need chat friendz her,.. |
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| 26 Oct, 2010 (133 weeks ago) |
| bipin |
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| 25 Oct, 2010 (134 weeks ago) |
| aye |
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| 23 Oct, 2010 (134 weeks ago) |
| I love simple girls |
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| 23 Oct, 2010 (134 weeks ago) |
| ---->Juliette surf4ever2@hotmail.fr :) |
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| 23 Oct, 2010 (134 weeks ago) |
| Hello to everey xx body |
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| 22 Oct, 2010 (134 weeks ago) |
| Im bored |
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| 21 Oct, 2010 (134 weeks ago) |
| Hey grlz i love u |
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| 21 Oct, 2010 (134 weeks ago) |
| hyyyyyyyyyyy |
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| 20 Oct, 2010 (134 weeks ago) |
hi
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| 19 Oct, 2010 (135 weeks ago) |
| hai |
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| 19 Oct, 2010 (135 weeks ago) |
| hellooooooooooooooo |
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| 16 Oct, 2010 (135 weeks ago) |
all hot girl please join hard cock
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| 16 Oct, 2010 (135 weeks ago) |
| Hiiiiiii, |
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| 15 Oct, 2010 (135 weeks ago) |
| hiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii |
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| 15 Oct, 2010 (135 weeks ago) |
| Hi sexy |
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| 14 Oct, 2010 (135 weeks ago) |
| hi all my dears how r u? |
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| 13 Oct, 2010 (135 weeks ago) |
| kai hai idher p |
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| 13 Oct, 2010 (135 weeks ago) |
| any one can chat with me |
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| 12 Oct, 2010 (135 weeks ago) |
| show my hot photos here http://2ddc5e72.linkgalleries.net |
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| 12 Oct, 2010 (136 weeks ago) |
| shashi_k hi hw r u wanna talk wid me |
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| 11 Oct, 2010 (136 weeks ago) |
| hi all |
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| 11 Oct, 2010 (136 weeks ago) |
| i want to talk |
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| 10 Oct, 2010 (136 weeks ago) |
| India is a great country. Bihar is Better then other country. |
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| 09 Oct, 2010 (136 weeks ago) |
| anybody on ? |
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| 06 Oct, 2010 (136 weeks ago) |
| Hi radhika |
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| 05 Oct, 2010 (137 weeks ago) |
| Anyone on anymore? |
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| 04 Oct, 2010 (137 weeks ago) |
| salam |
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| 04 Oct, 2010 (137 weeks ago) |
hi
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| 04 Oct, 2010 (137 weeks ago) |
| hi |
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| 03 Oct, 2010 (137 weeks ago) |
| whos from salem? |
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| 02 Oct, 2010 (137 weeks ago) |
| HIII |
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| 02 Oct, 2010 (137 weeks ago) |
| hiiiiiiiiiiiiiii |
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| 30 Sep, 2010 (137 weeks ago) |
| hi |
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| 30 Sep, 2010 (137 weeks ago) |
| anyone here |
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| 29 Sep, 2010 (137 weeks ago) |
| salam hi hi |
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| 29 Sep, 2010 (137 weeks ago) |
| hi |
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| 29 Sep, 2010 (137 weeks ago) |
hi how are u
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| 29 Sep, 2010 (137 weeks ago) |
| Hi everybody |
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| 28 Sep, 2010 (137 weeks ago) |
سلام به همه
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| 28 Sep, 2010 (138 weeks ago) |
| hii.. come on |
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| 27 Sep, 2010 (138 weeks ago) |
| hyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyyy shiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii iiiiiit |
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| 27 Sep, 2010 (138 weeks ago) |
| hey wass up! where hot girls at |
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| 27 Sep, 2010 (138 weeks ago) |
| hey wass up! where hot girls at |
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| 26 Sep, 2010 (138 weeks ago) |
| wat a bunch of gross ppl horniies!!!!!!!!!!!!!!! |
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| 26 Sep, 2010 (138 weeks ago) |
| hi every body |
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| 26 Sep, 2010 (138 weeks ago) |
hi
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| 26 Sep, 2010 (138 weeks ago) |
| Hey I'm so Hornii .. Any sex tlkers? |
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| 25 Sep, 2010 (138 weeks ago) |
| i want radhika.kathait |
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| 25 Sep, 2010 (138 weeks ago) |
| i need hot boy |
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| 24 Sep, 2010 (138 weeks ago) |
| gfhbghfnfgngnn |
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| 23 Sep, 2010 (138 weeks ago) |
| hjh |
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| 23 Sep, 2010 (138 weeks ago) |
| mm |
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| 22 Sep, 2010 (138 weeks ago) |
| i love hot girls |
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